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Showing posts from December, 2020

हमारे अटल।

                                                         Photo Source-hellomumbainews.com  अटल बिहारी वाजपेयी(1924-2018) एक ऐसे नेता एक ऐसे कवि एक ऐसे व्यक्ति जो हर किसी के प्रिय थे, इन्होंने देश के विकास मै एक अहम भूमिका निभाई एक ऐसे व्यक्ति जो अपने फैसलों पर हमेशा टिके रहे यह देश के सबसे बड़े नेताओं मै से एक रहे है इन्हे हिन्दुस्तान की राजनीति का एक अहम हिस्सा मानाजाता है यह भारत रत्न और देश के प्रधानमंत्री भी रहे है और ये देश के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक भी रहे है, अटल जी एक ऐसे स्वभाव के व्यक्ति थे जो हर किसी के लिए प्रिय थे, एक बड़े नेता होने के साथ साथ वो एक कवि भी थे आज 25 दिसंबर उनके जन्मदिन के दिन मै उनकी कुछ मेरे पसंदीदा लेखन को आपके समक्ष प्रस्तुत करूंगा आइए साथ मिलकर अटल जी को उनके जन्मदिन पर याद करे। 1. मौत से ठन गई।                         ...

ज़िन्दगी- एक सफर।

मैं चल दिया हूं अकेला मंज़िल की ओर जाना कहा है रहना कहा है इसका नहीं है ठौर बस एक उम्मीद एक आशा है जीवन भर लोगो ने तो बस दी दिलासा है, हा चाहता हूं करना कुछ अलग हा चाहता हूं करना कुछ हटके काम ऐसा हो जो पूरी दुनिया मै चमके रखी खुधपर उम्मीद है हा लगाई खुद से एक आशा है हा होगे पूरे हर सपने मेरे ऐसे खुदको दी दिलासा है, हा है ये सफर कठिन हा रास्ते भी है बड़े लम्बे कई मुसाफ़िर पहले भी है इस सफर मै भटके पर खुदको किया इतना तैयार है कि लड़ना मुझे हर मुश्किल से आज है, हो कितनी भी बाधाए हार मै मानूंगा नहीं हो लम्बा कितना भी ये सफर पर रार मै ठानूंगा नहीं, नहीं जानता मै केसी बातें कोई भरता है किसी के कानों मै ये वही है जो जीवन भर खड़े है लम्बी कतारों में मेरा इनसे कोई सम्बंध नहीं ना कोई रिश्ता है एक चीज मै पूरा जीवन बांद दे? ऐसा इरादा किसका है, मै तो आगे भदूंगा दुनिया से लडूंगा सपना देखा है तो उसको पूरा करूंगा पीछे मै हटूंगा नहीं चाहें कोई भी मुश्किल आए मै डरूंगा नहीं, हा बहुत हुए है मेरे जैसे पहले भी ये जानता हूं मै पर अपने जैसा सिर्फ एक मै हूं ये बात मानता हूं मै, शूरवीर नहीं डरते छोटी मोटी बाधाओ...

वो और ये रास्ते।

उन रास्तों को छोड़ दिया जहां से कभी रोज़ जाया करते थे।  वो बाते बताना रोक दिया जो सबको सुनाया करते थे। तेरे दिल तक पहुंचना चाहता नहीं हूं अब, ये गलतियां कभी रोज़ दोहराया करते थे। तुझसे मोहब्बत आज भी है पर बताना नहीं है, क्योंकि कभी ये बोल कर अपना इश्क़ हम जताया करते थे। इन राहों पे अब डर लगता है जिन राहों से कभी आधी रात को यूहीं टेहेल कर गुजर जाया करते थे। वो नज़्में अब याद ही नहीं रहती जो कभी महफिलों मै सुनाया करते थे। प्यार की बाते होती नहीं अब हमसे, कभी बातों ही बातों मै शहर के मेहबूब बंजाया करते थे। उसकी सूरत पे अब प्यार नहीं आता जिसकी एक हसीं के लिए कभी दुनिया लुटाया करते थे। उससे बात करने की अब हिम्मत नहीं होती जिसको कभी बिना बात सताया करते थे। अब उसकी याद मै जाम उठाने का दिल नहीं करता जिसकी याद मै कभी बोतलें उड़ाया करते थे। ~Akrit If you do like my work then share and comment your thoughts.  Social handles