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Showing posts from October, 2020

शहर में फिर चुनाव आ रहे है।

                                        Photo Source-Medium.com/Munner's Daily/@sangeeth_s माहौल बदलने लगा है इस शहर का हर जगह से आजकल बड़े बड़े  काफ़िले जा रहे है पूछा तो मालूम पड़ा कि नेताजी जनसंपर्क के लिए आ रहें है, जब बैठे देखा इस बड़े नेता को एक गरीब के यहां तो लगने लगा हमें भी की शायद शहर में फिर चुनाव आ रहे है,  रोज़ हो रही है विशाल रैलियां किए जा रहे है फिर नए वादे लोगो को भी लगने लगा है कि शायद काफी नेक है नेताजी के इरादे, फिर एक नए प्रत्याशी एक नए जोश के साथ चुनावी मैदान में आ रहे है लगता है शहर में फिर चुनाव आ रहे है, आधे कार्यकर्ता है पार्टी से नाराज़ कि मिली नहीं उनको टिकट इस बार तो वहीं आधो ने तो इस वजह से छोड़ दिया पार्टी का ही साथ,लगता है होने लगा है अब राजनीति में भी व्यापार, टिकट ना मिलने की वजह से कोई पुराने नेता पार्टी के खिलाफ खड़े होने जा रहा है लगता है शहर में फिर चुनाव आ रहे है, जगह जगह भीड़ लगी है रोज़ देर रात चल रही है सभाएं बैठकों ...

जीवन में किसी की कमी सी है।

जीवन में किसी की कमी सी है सांस चल तो रही है पर थमी सी है, बेपनाह मोहब्बत करने की एक आस है वो आस भी अब दबी सी है जीवन में किसी की कमी सी है, सुबह का सूरज देखे भी इतना वक़्त होगया है की अब सूरज से भी बात कटी सी है जीवन में किसी की कमी सी है, रोज़ सोचता हूं कुछ काम करू तो दिमाग कहीं लगे पर अब दिमागी गुफ्तुगी भी थमी सी है जीवन में किसी की कमी सी है, मै रोज़ बाहर जाता हूं खुदकी तलाश मै खुदको खोजने लेकिन, लगता है मेरी खुदसे कोई दुश्मनी सी है जीवन में किसी की कमी सी है, अकेला पूरा दिन ख्यालों मै रहता हूं पर कुछ सोच नहीं पता लगता है मेरे और मेरे ख्यालों के बीच कोई दरार पड़ी सी है जीवन में किसी की कमी सी है, सोचता हूं लिख दू हर दुख हर परेशानी हर बात का सच पर, शायद सच की और मेरी मुलाक़ात मै अभी एक सदी बची सी है, जीवन में किसी की कमी सी है कमी सी है। ~Akrit if you like my work  thenshare, comment your thoughts and follow the blog to stay updated. My Social handles