मैं कलम हूं लिखता जाऊंगा दिल की हर बात को लफ़्ज़ों में पीरोता जाऊंगा हर याद को हर बात को दिल के अंदर दफन हो चुके उस हर राज को मैैं पन्नों पे बिखेरता जाऊंगा मैं कलम हूं लिखता जाऊंगा, हा लिखूंगा उसके बारे में भी जिसने तुम्हे लिखना सिखाया है, लिखूंगा उसकी खूबसूरती के बारे में जिसे देख तू आज भी पागल हो जाता है लिखूंगा उसके हर अंदाज़ - अदह के बारे में जो आज भी तुझे मदहोश करते है उसके प्यार के बारे में उसके इकरार के बारे में उसके जाने के बाद के गम के बारे में, उसके साथ होने की खुशी से लेके उसके ना होने के गम तक मैं तेरे साथ चलता जाऊंगा मैं कलम हूं लिखता जाऊंगा, लिखूंगा मैं तेरी ख्वाहिशों के बारे में जो तुने सिर्फ मुझे बताई है लिखूंगा मैं उन सपनों के बारे में जो तेरी ये आंखे रोज़ देखती है लिखूंगा उस खुशी के बारे में जो तू अपने माता - पिता के चेहरे पर देखना चाहता है लिखूंगा तेरी उन बचपन की यादों के बारे में जिन्हें याद करके आज भी तेरी आंखे भर आती है लिखूंगा तेरे यारों के बारे में जिन्हें तू कभी खुद बोल नहीं पाया और ना शायद बोल पाएगा की वो तेरे जीवन में उतने ही जरूरी है जितना जिंदा रहने के लिए सांस, ऐसे ही हर सपने को हर याद को कुछ सुलझी - अनसुलझी बात को तेरे अन्दर की हर भावना को मैं सिहाई के रूप में भिखेरता जाऊंगा मैं कलम हूं लिखता जाऊंगा लिखता जाऊंगा।
-Akrit
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Likhte rehna, kaafi acha
ReplyDeleteBohot khoobsurat kalam hai💕✨
ReplyDelete❤️
Deletesimple and sober!
ReplyDelete❤️
DeleteMst yr
ReplyDelete❤️
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