Skip to main content

दुनिया की विचारधारा।

                                       


                                      

इन अंधेरों में जीवन कटेगा कैसे कहीं से रोशनी तो लाइए,

जो जले बस दिल की लौ से ऐसी कोई मोमबत्ती जलाईए,


ये बातें अब झूठी लगती हैं इन को सच मान ने कि कोई वजह बताइए, 
थोड़ी हमने करली आज थोड़ी मेहनत आप भी करके दिखाईए,


ये दुनिया जिसको सब सही मानते हैं आप इसकी विचारधारा का विरोध करके बताइए, 
ये बातें तो बहुत होती रहेगी कोई ठोस मुद्दा या सबूत हो तो दिखाईए,


वो आदमी नाकारा हैं उससे कोई काम करवा कर दिखाईए, 
ऐसा कोई बदलाव आप आज लोगो के जीवन में लाकर बताइए,


ये कैसी हो चुकी हैं लोगो की सोच इस सोच को बदललिए लोगो को सही चीज सिखाइए, 
एक बदलाव की ऐसी उम्मीद आप इस नगर में लाइए,


वो अंधे भेरो की तरह लगे हैं भेड़ चाल में उनको सही राह दिखाईए, 
इस अंधो की दुनिया में आज आप लोगो को सच्चाई की चश्मा पहनाइए।


~Akrit


लेख पसंद आया हो तो कमेंट करके ज़रूर बताए धन्यवाद।









Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

यादें लेते आना।

सुना है तुम वापिस आरहे हो? अच्छा तो सुनो आते वक़्त एक काम करते आना  जो यादें हमने साथ बिताई थी वो यादें लेते आना, क्या है की थक गया हूं मै दिल को समझाते समझाते  यह पागल आज भी तेरे लिए पागल है, इस पागल दिल  की दवा लेते आना, सुनो आरहे हो तो आते आते यादें लेते आना, आज तुम्हे गए हुए एक अरसा बीत गया है और इस दौरान मुझे छोड़के हर चीज बदल गई है, अब मेरे लिए भी बदलाव की एक उमीद लेते आना, सुनो आरहे हो तो आते आते यादें लेते आना, क्या है की बदलना हम भी चाहते थे पर बदल नहीं पाए तुझे छोड़ना चाहते थे पर छोड़ नहीं पाए आज तेरे बिना दिल इतना अकेला पड़ गया है की कोई साथी नहीं है, इस दिल को बहलाने   के लिए एक खिलौना लेते आना, सुनो आरहे हो तो आते आते यादें लेते आना यादें लेते आना। -Akrit

ये आंसू।

 ये आंसू भी अब पलकों पे आते नही हैं देखो ना अब लोग मुझे तुम्हारे नाम से सताते नहीं हैं अब नही होता कोई दिन हसीन अब कोई पक्षी मेरे द्वार पर आ कर गाते नहीं हैं रात में बाहर ही रहता हूं अब मैं क्योंकि नींद लेने से डरने लगा हूं क्योंकि ये नींद के वक्त के सपने इन सपनों में भी हम साथ नजर अब आते नहीं हैं जो तुझे झुमके दिए थे मैंने कभी सुना है वैसे झुमके अब वो बनाते नही हैं महफिलों में बदनाम हो गया है अब हमारा नाम क्योंकि शराब पीके भी अब हम शायरी किसीको सुनाते नही हैं आज अनजाने में तेरे घर के सामने से निकलना हुआ देखा के जो फूल तू अपने बालों में लगाता था वो फूल भी अब तेरे बगीचे में नजर आते नही हैं तुझपे तो आज भी मेला लगा होगा ना लोगो का एक हम ही हैं जो किसीको पसंद आते नही हैं। ~Akrit 

तेरी यादें।

 मै एक मुसाफ़िर हूं जो तेरी गली मै आके भटकता है पता नहीं क्यों आज भी दिल तेरी यादों मै तड़पता है, तेरे जाने के बाद कई लोग आए कई रिश्ते बनाए, पर पता नहीं क्यों वो रात का अकेलापन मुझे अंदर ही अंदर खटकता है आज भी दिल तेरी यादों मै तड़पता है, की मै हूं वही पर वो बात नहीं है मेरे हाथो मै जो तेरा हाथ नहीं है, तुझे किसी और के साथ देख मन अभी भी मचलता है आज भी दिल तेरी यादों मै तड़पता है, वो शामे याद है मुझे जो तेरे साथ गुजारी थी मै बहुत खुश था और ज़िंदगी बड़ी सुहानी थी, अब शाम मै भी वो बात नहीं जो तू मेरे साथ नहीं, बिना बात कभी - कभी रोता हूं मै क्योंकि इश्क़ मै खा चुका धोका हूं मै, ऐसे ही एक आशिक़  अपने प्यार के दीदार को तरस्ता है आज भी दिल तेरी यादों मै तड़पता है तेरी यादों मै तड़पता है। -Akrit . My Social Handles(TAP THIS)