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तेरा जाना।

तेरा जाना कोई इत्तेफ़ाक तो ना था
हमारा यूं मिलना कोई ख़्वाब तो ना था,
जाना तेरा दर्दों का महल था
कोई हसीन बाग तो ना था,

याद तो बहुत आएं तुम हमे
पर इन यादों में तू हमारे साथ तो ना था,
मान जाते हम भी के मुकम्मल नहीं तो क्या हुआ
प्यार हमारा भी सच्चा था,
लेकिन हमारे जाने के बाद भी
तू अकेला कोई शाम तो ना था,

सब कहते रहें की ख़तम कर सही नहीं है ये
पर हमने किसी की एक ना सुनी
अंत में सच हुई सब बातें के मानो साबित
करना चाहता था तू,
के तेरे मुंह से निकला हर बोल बस एक बोल था
सच की कोई किताब तो ना था,
प्यार मेरा सच्चा था हर मुलाक़ात में हर एहसास में
इश्क़ मेरा पक्का था, पर आज एक बात सच तू भी बोल दे
के हर मुलाक़ात में रातों की लम्बी बात में तू मेरे साथ था
पर मेरे पास तो ना था,

बर्बादी के अंत पर आ चुके है
अब रोज़ पूछते है खुद से
के ऐसे जीवन निकालने का मेरा कोई ख्वाब तो ना था,
किसी रोज़ आके देख कर जाना मेरी हालत
फिर पूछना एक बार खुद से
कहीं ये खिलोना कोई इंसान तो ना था।
~Akrit



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यादें लेते आना।

सुना है तुम वापिस आरहे हो? अच्छा तो सुनो आते वक़्त एक काम करते आना  जो यादें हमने साथ बिताई थी वो यादें लेते आना, क्या है की थक गया हूं मै दिल को समझाते समझाते  यह पागल आज भी तेरे लिए पागल है, इस पागल दिल  की दवा लेते आना, सुनो आरहे हो तो आते आते यादें लेते आना, आज तुम्हे गए हुए एक अरसा बीत गया है और इस दौरान मुझे छोड़के हर चीज बदल गई है, अब मेरे लिए भी बदलाव की एक उमीद लेते आना, सुनो आरहे हो तो आते आते यादें लेते आना, क्या है की बदलना हम भी चाहते थे पर बदल नहीं पाए तुझे छोड़ना चाहते थे पर छोड़ नहीं पाए आज तेरे बिना दिल इतना अकेला पड़ गया है की कोई साथी नहीं है, इस दिल को बहलाने   के लिए एक खिलौना लेते आना, सुनो आरहे हो तो आते आते यादें लेते आना यादें लेते आना। -Akrit

ये आंसू।

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तेरी यादें।

 मै एक मुसाफ़िर हूं जो तेरी गली मै आके भटकता है पता नहीं क्यों आज भी दिल तेरी यादों मै तड़पता है, तेरे जाने के बाद कई लोग आए कई रिश्ते बनाए, पर पता नहीं क्यों वो रात का अकेलापन मुझे अंदर ही अंदर खटकता है आज भी दिल तेरी यादों मै तड़पता है, की मै हूं वही पर वो बात नहीं है मेरे हाथो मै जो तेरा हाथ नहीं है, तुझे किसी और के साथ देख मन अभी भी मचलता है आज भी दिल तेरी यादों मै तड़पता है, वो शामे याद है मुझे जो तेरे साथ गुजारी थी मै बहुत खुश था और ज़िंदगी बड़ी सुहानी थी, अब शाम मै भी वो बात नहीं जो तू मेरे साथ नहीं, बिना बात कभी - कभी रोता हूं मै क्योंकि इश्क़ मै खा चुका धोका हूं मै, ऐसे ही एक आशिक़  अपने प्यार के दीदार को तरस्ता है आज भी दिल तेरी यादों मै तड़पता है तेरी यादों मै तड़पता है। -Akrit . My Social Handles(TAP THIS)