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हमारे अटल।

                                                         Photo Source-hellomumbainews.com  अटल बिहारी वाजपेयी(1924-2018) एक ऐसे नेता एक ऐसे कवि एक ऐसे व्यक्ति जो हर किसी के प्रिय थे, इन्होंने देश के विकास मै एक अहम भूमिका निभाई एक ऐसे व्यक्ति जो अपने फैसलों पर हमेशा टिके रहे यह देश के सबसे बड़े नेताओं मै से एक रहे है इन्हे हिन्दुस्तान की राजनीति का एक अहम हिस्सा मानाजाता है यह भारत रत्न और देश के प्रधानमंत्री भी रहे है और ये देश के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक भी रहे है, अटल जी एक ऐसे स्वभाव के व्यक्ति थे जो हर किसी के लिए प्रिय थे, एक बड़े नेता होने के साथ साथ वो एक कवि भी थे आज 25 दिसंबर उनके जन्मदिन के दिन मै उनकी कुछ मेरे पसंदीदा लेखन को आपके समक्ष प्रस्तुत करूंगा आइए साथ मिलकर अटल जी को उनके जन्मदिन पर याद करे। 1. मौत से ठन गई।                         ...

ज़िन्दगी- एक सफर।

मैं चल दिया हूं अकेला मंज़िल की ओर जाना कहा है रहना कहा है इसका नहीं है ठौर बस एक उम्मीद एक आशा है जीवन भर लोगो ने तो बस दी दिलासा है, हा चाहता हूं करना कुछ अलग हा चाहता हूं करना कुछ हटके काम ऐसा हो जो पूरी दुनिया मै चमके रखी खुधपर उम्मीद है हा लगाई खुद से एक आशा है हा होगे पूरे हर सपने मेरे ऐसे खुदको दी दिलासा है, हा है ये सफर कठिन हा रास्ते भी है बड़े लम्बे कई मुसाफ़िर पहले भी है इस सफर मै भटके पर खुदको किया इतना तैयार है कि लड़ना मुझे हर मुश्किल से आज है, हो कितनी भी बाधाए हार मै मानूंगा नहीं हो लम्बा कितना भी ये सफर पर रार मै ठानूंगा नहीं, नहीं जानता मै केसी बातें कोई भरता है किसी के कानों मै ये वही है जो जीवन भर खड़े है लम्बी कतारों में मेरा इनसे कोई सम्बंध नहीं ना कोई रिश्ता है एक चीज मै पूरा जीवन बांद दे? ऐसा इरादा किसका है, मै तो आगे भदूंगा दुनिया से लडूंगा सपना देखा है तो उसको पूरा करूंगा पीछे मै हटूंगा नहीं चाहें कोई भी मुश्किल आए मै डरूंगा नहीं, हा बहुत हुए है मेरे जैसे पहले भी ये जानता हूं मै पर अपने जैसा सिर्फ एक मै हूं ये बात मानता हूं मै, शूरवीर नहीं डरते छोटी मोटी बाधाओ...

वो और ये रास्ते।

उन रास्तों को छोड़ दिया जहां से कभी रोज़ जाया करते थे।  वो बाते बताना रोक दिया जो सबको सुनाया करते थे। तेरे दिल तक पहुंचना चाहता नहीं हूं अब, ये गलतियां कभी रोज़ दोहराया करते थे। तुझसे मोहब्बत आज भी है पर बताना नहीं है, क्योंकि कभी ये बोल कर अपना इश्क़ हम जताया करते थे। इन राहों पे अब डर लगता है जिन राहों से कभी आधी रात को यूहीं टेहेल कर गुजर जाया करते थे। वो नज़्में अब याद ही नहीं रहती जो कभी महफिलों मै सुनाया करते थे। प्यार की बाते होती नहीं अब हमसे, कभी बातों ही बातों मै शहर के मेहबूब बंजाया करते थे। उसकी सूरत पे अब प्यार नहीं आता जिसकी एक हसीं के लिए कभी दुनिया लुटाया करते थे। उससे बात करने की अब हिम्मत नहीं होती जिसको कभी बिना बात सताया करते थे। अब उसकी याद मै जाम उठाने का दिल नहीं करता जिसकी याद मै कभी बोतलें उड़ाया करते थे। ~Akrit If you do like my work then share and comment your thoughts.  Social handles

शहर में फिर चुनाव आ रहे है।

                                        Photo Source-Medium.com/Munner's Daily/@sangeeth_s माहौल बदलने लगा है इस शहर का हर जगह से आजकल बड़े बड़े  काफ़िले जा रहे है पूछा तो मालूम पड़ा कि नेताजी जनसंपर्क के लिए आ रहें है, जब बैठे देखा इस बड़े नेता को एक गरीब के यहां तो लगने लगा हमें भी की शायद शहर में फिर चुनाव आ रहे है,  रोज़ हो रही है विशाल रैलियां किए जा रहे है फिर नए वादे लोगो को भी लगने लगा है कि शायद काफी नेक है नेताजी के इरादे, फिर एक नए प्रत्याशी एक नए जोश के साथ चुनावी मैदान में आ रहे है लगता है शहर में फिर चुनाव आ रहे है, आधे कार्यकर्ता है पार्टी से नाराज़ कि मिली नहीं उनको टिकट इस बार तो वहीं आधो ने तो इस वजह से छोड़ दिया पार्टी का ही साथ,लगता है होने लगा है अब राजनीति में भी व्यापार, टिकट ना मिलने की वजह से कोई पुराने नेता पार्टी के खिलाफ खड़े होने जा रहा है लगता है शहर में फिर चुनाव आ रहे है, जगह जगह भीड़ लगी है रोज़ देर रात चल रही है सभाएं बैठकों ...

जीवन में किसी की कमी सी है।

जीवन में किसी की कमी सी है सांस चल तो रही है पर थमी सी है, बेपनाह मोहब्बत करने की एक आस है वो आस भी अब दबी सी है जीवन में किसी की कमी सी है, सुबह का सूरज देखे भी इतना वक़्त होगया है की अब सूरज से भी बात कटी सी है जीवन में किसी की कमी सी है, रोज़ सोचता हूं कुछ काम करू तो दिमाग कहीं लगे पर अब दिमागी गुफ्तुगी भी थमी सी है जीवन में किसी की कमी सी है, मै रोज़ बाहर जाता हूं खुदकी तलाश मै खुदको खोजने लेकिन, लगता है मेरी खुदसे कोई दुश्मनी सी है जीवन में किसी की कमी सी है, अकेला पूरा दिन ख्यालों मै रहता हूं पर कुछ सोच नहीं पता लगता है मेरे और मेरे ख्यालों के बीच कोई दरार पड़ी सी है जीवन में किसी की कमी सी है, सोचता हूं लिख दू हर दुख हर परेशानी हर बात का सच पर, शायद सच की और मेरी मुलाक़ात मै अभी एक सदी बची सी है, जीवन में किसी की कमी सी है कमी सी है। ~Akrit if you like my work  thenshare, comment your thoughts and follow the blog to stay updated. My Social handles

तू

 तू बात ना किया कर वफाओं की लोगो के साथ ऐसे भरी महफ़िल में अपनी पहचान गवाया नहीं करते, तू दिल फिर ना लगाना गैरो के साथ  ऐसे अपने दिल को दुखाया नहीं करते, तू शायरी नहीं सुनाना महफिलों मै जाके ऐसे अपने अंदर का दर्द किसी को बताया नहीं करते, तू भरोसा ना कर जाना बिना सोचे किसी पर भी ऐसे पुरानी गलतियां दोहराया नहीं करते, तू ना देखना किसी को प्यार करते हुए ऐसे कोई नया दर्द उगाया नहीं करते, तू कमजोर ना पड़ जाना किसी गैर के सामने ऐसे खुदका मज़ाक बनाया नहीं करते, तू बात ना किया कर वफाओं की लोगो के साथ ऐसे भरी महफ़िल मै अपनी पहचान गवाया नहीं करते गवाया नहीं करते। -Akrit if you do like my writings then please share, comment your thoughts and follow the blog to support my work. My social handles

मैं कलम हूं।

 मैं कलम हूं लिखता जाऊंगा दिल की हर बात को लफ़्ज़ों में पीरोता जाऊंगा हर याद को हर बात को दिल के अंदर दफन हो चुके उस हर राज को मैैं पन्नों पे बिखेरता जाऊंगा मैं कलम हूं लिखता जाऊंगा, हा लिखूंगा उसके बारे में भी जिसने तुम्हे लिखना सिखाया है, लिखूंगा उसकी खूबसूरती के बारे में जिसे देख तू आज भी पागल हो जाता है लिखूंगा  उसके हर अंदाज़ - अदह के बारे में जो आज भी तुझे मदहोश करते है उसके प्यार के बारे में उसके इकरार के बारे में उसके जाने के बाद के गम के बारे में, उसके साथ होने की खुशी से लेके उसके ना होने के गम तक मैं तेरे साथ चलता जाऊंगा मैं कलम हूं लिखता जाऊंगा, लिखूंगा मैं तेरी ख्वाहिशों के बारे में जो तुने सिर्फ मुझे बताई है लिखूंगा मैं उन सपनों के बारे में जो तेरी ये आंखे रोज़ देखती है लिखूंगा उस खुशी के बारे में जो तू अपने माता - पिता के चेहरे पर देखना चाहता है लिखूंगा तेरी उन बचपन की यादों के बारे में जिन्हें याद करके आज भी तेरी आंखे भर आती है लिखूंगा तेरे यारों के बारे में जिन्हें तू कभी खुद बोल नहीं पाया और ना शायद बोल पाएगा की वो तेरे जीवन में उतने ही जरूरी है जितना जि...