मै एक मुसाफ़िर हूं जो तेरी गली मै आके भटकता है पता नहीं क्यों आज भी दिल तेरी यादों मै तड़पता है,
तेरे जाने के बाद कई लोग आए कई रिश्ते बनाए, पर पता नहीं क्यों वो रात का अकेलापन मुझे अंदर ही अंदर खटकता है आज भी दिल तेरी यादों मै तड़पता है,
की मै हूं वही पर वो बात नहीं है मेरे हाथो मै जो तेरा हाथ नहीं है, तुझे किसी और के साथ देख मन अभी भी मचलता है
आज भी दिल तेरी यादों मै तड़पता है,
वो शामे याद है मुझे जो तेरे साथ गुजारी थी मै बहुत खुश था और ज़िंदगी बड़ी सुहानी थी, अब शाम मै भी वो बात नहीं जो तू मेरे साथ नहीं, बिना बात कभी - कभी रोता हूं मै क्योंकि इश्क़ मै खा चुका धोका हूं मै, ऐसे ही एक आशिक़ अपने प्यार के दीदार को तरस्ता है आज भी दिल तेरी यादों मै तड़पता है तेरी यादों मै तड़पता है।
-Akrit
Nice
ReplyDeleteThankyou
DeleteBhut adbhut
ReplyDeleteShukriya
DeleteBinod
ReplyDeleteMakes no sense but OKAY
DeleteAha❤❤
ReplyDeleteShukriya
DeleteBeautiful.. bro❤️
ReplyDeleteDhanywaad paaji
Deletelines♥
ReplyDelete♥
Delete