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ये रातें और नींद।


                                          



ये रातें अब ना जाने क्यों लंबी लगने लगी हैं, इन रातों में अब हमें नींद नहीं आती,

 ये बातें जों सब कर रहे हैं ये बातें गंदी लगने लग गई हैं क्योंकि ये अब हमें समझ नहीं आती,

 ये रोशनी इस रोशनी को बंद करदो इस रोशनी में अब कोई बात नहीं भाती, 

ये अंधेरे ये अंधेरे अब अच्छे लगने लगे हैं शायद क्योंकि इन अंधेरों में तेरी यादें नहीं जाती,

वो प्यार अब उस प्यार को याद करने का दिल नहीं करता शायद उस बेवफ़ा की बेवफ़ाई दिल से नहीं जाती,

वो दोस्त वो दोस्त आज भी बहुत याद आते हैं क्योंकि उनके साथ बिताई कोई याद भुलाई नहीं जाती,

वो काम वो काम तो अब करना ही छोड़ दिया जिस काम को करने से मेरी मां मुझसे रूठ जाती, 

वो शराब वो शराब अब तो और ज्यादा चलती हैं क्योंकि उस शराब से दो पल की शांति हैं मिल जाती, 

वो लम्हे वो लम्हे बिताने छोड़ दिए जिन लम्हों में ये ज़िन्दगी शायद कट जाती, 

वो प्यार वो प्यार भी करना छोड़ दिया जिस प्यार को करके आखरी में बस जुदाई ही मेरे हिस्से आती, 

वो सपने वो सपने अब देखने ही छोड़ दिए क्योंकि रातों को अब हमें नींद नहीं आती।

~Akrit

उम्मीद करूंगा आपको मेरी ये छोटी सी कोशिश पसंद आई हो कमेंट करके ज़रूर बताए धन्यवाद।

Comments

  1. जीवन में जो लोग आपसे दूर होना चाहते हैं, वो लोग सारा दोष हालात पर डाल देते हैं।

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